
शुभेंदु अधिकारी
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली (Sandeshkhali) में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के मामले पर राजनीति गरम है। पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और सीनियर बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद पुलिस ने उन्हें संदेशखाली जाने से रोक दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के अन्य विधायकों को भी पुलिस ने संदेशखाली जाने से रोक दिया है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने कल उन्हें संदेशखाली जाने की अनुमति दी थी।
सुवेंदु अधिकारी को हाई कोर्ट ने दी है इजाजत
संदेशखाली रवाना होने से पहले सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अदालत ने स्पष्ट फैसला दिया है और वहां (संदेशखाली) जाना हमारी जिम्मेदारी है, लेकिन वे हमें वहां जाने की इजाजत नहीं दे रहे थे। मुझे पता चला कि राज्य सरकार डिवीजन बेंच के पास जाएगी और अगर डिवीजन बेंच आदेश पर रोक लगाती है तो मैं रुक जाऊंगा। हम कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं।
दो बार रोके जा चुके हैं सुवेंदु अधिकारी
इससे पहले अधिकारी को पहले दो बार क्षेत्र का दौरा करने से रोक दिया गया था। कलकत्ता होई कोर्ट ने सोमवार को अधिकारी को संदेशखाली जाने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने बीजेपी के नेता को अशांत क्षेत्र में कोई भी भड़काऊ भाषण नहीं देने या किसी भी तरह की कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा नहीं करने का भी निर्देश दिया। अधिकारी ने कहा, ”मैं वहां जाना चाहता हूं और स्थानीय लोगों से बात करना चाहता हूं। मैं वहां के लोगों के साथ खड़ा रहना चाहता हूं।
बृंदा करात ने भी सरकार पर बोला हमला
वहीं, संदेशखाली के लिए रवाना होने से पहले सीपीआई (एम) नेता बृंदा करात ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है। यह एक सिलसिलेवार यौन उत्पीड़न है जो इतने लंबे समय से चल रहा है। ये गरीब महिलाएं हैं जिनकी जमीन भी छीनी जा रही है। ये साजिश कैसे हो सकती है? महिलाएं शिकायत कर रही हैं, बयान दे रही हैं। सरकार आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है।















