बाँदा। सरकारी नौकरी का झांसा देकर भोले-भाले युवाओं को लूटने वाले जालसाजों के लिए बांदा पुलिस काल बन गई है। पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के सख्त निर्देश पर वांछित अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान में मटौंध पुलिस ने 15 लाख की ठगी करने वाले शातिर ठग को गिरफ्तार कर लिया है। थाना कोतवाली नगर क्षेत्र का है। पीड़ित जितेन्द्र कुमार ने 5 दिसंबर 2025 को मटौंध थाने में तहरीर दी थी कि अछरौड़ गांव का विनोद कुमार ने उसे इंटर कॉलेज में बाबू के पद पर सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया।विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने उसे एक कूटरचित (फर्जी) नियुक्ति पत्र भी थमा दिया और बांदा के एक कॉलेज में जाकर ज्वाइन करने को कहा। इसके बदले में पीड़ित से 15 लाख रुपये ऐंठ लिए।जब जितेन्द्र कॉलेज में ज्वाइन करने पहुंचा तो पता चला कि वहां बाबू के पद पर कोई भर्ती ही नहीं हुई है और उसका नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी है। खुद को ठगा महसूस कर जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया और जान से मारने की धमकी देकर भाग गया।पीड़ित की तहरीर पर मटौंध थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
तब से आरोपी फरार चल रहा था। एसपी पलाश बंसल ने वांछित की गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई ठग कहीं भागने की फिराक में खैराड़ा रेलवे स्टेशन के पास घूम रहा है। सूचना पर मटौंध पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा।गिरफ्तार अभियुक्त विनोद कुमार पुत्र बाबू निवासी ग्राम अछरौड़, थाना मटौंध, जनपद बांदा का निवासी हैं।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्यवाही कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। एसपी पलाश बंसल ने कहा कि नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। युवाओं से अपील है कि किसी भी फर्जी नियुक्ति पत्र के झांसे में न आएं, सीधे विभाग या पुलिस से संपर्क करें।















