राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भड़के धर्मेंद्र प्रधान,

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी के इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता एक सिस्टम बनाम छात्र का नैरेटिव लेकर जाते हैं, लेकिन छात्रों को जवाब चाहिए राजनीतिक ड्रामा नहीं.उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी अपना एजेंडा आगे बढ़ाने में व्यस्त हैं, तब भारत में उच्च शिक्षा तक पहुंच का विस्तार हुआ है और मोदी सरकार ने छात्रों द्वारा उठाई जा रहीं चिंताओं को गंभीरता से लिया है.

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के कार्यक्रम पर तीखा हमला किया है. अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा ‘विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी इंदौर आए और अपने साथ एक माइक और सिस्टम बनाम छात्र का बना-बनाया नैरेटिव लेकर आए’.

छात्रों को ड्रामे नहीं सवालों के जवाब चाहिए’

उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर में छात्रों की गूंज” कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कार्यक्रम में छात्रों के सामने आने वाली हर चुनौती को कब्जे वाले सिस्टम का सबूत बताने की कोशिश की और शिक्षा के जटिल इकोसिस्टम को राजनीतिक नारों तक सीमित कर दिया. उन्होंने कहा कि हकीकत महज बयानबाजी से कहीं ज्यादा गंभीर और अहम है. उन्होंने कहा कि छात्रों को राजनीतिक ड्रामे नहीं, बल्कि अपने सवालों के जवाब चाहिए.

‘भारत में उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ी’

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब विपक्ष के नेता अपना एजेंडा फैलाने में व्यस्त हैं, तब भारत में उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ी है. उन्होंने कहा कि 2014-15 में GER (सकल नामांकन अनुपात) 23.7% था जो 2023-24 में बढ़कर 30% हो गया है. वहीं केंद्र की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि PM-विद्यालक्ष्मी योग्य छात्रों को बिना गारंटी (कोलेटरल-फ्री) वाले शिक्षा ऋण और ब्याज पर मदद देती है. वहीं PM-USHA राज्य के संस्थानों में बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता को मजबूत कर रही है.

अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय रैंकिंग का जिक्र

इसके साथ ही धर्मेंद्र प्रधान ने भारत की अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय रैंकिंग का भी जिक्र किया.उन्होंने कहा कि पिछले दशक में हमारी QS वर्ल्ड रैंकिंग में काफी सुधार हुआ है और हमारी संस्थागत क्षमता भी बढ़ी है. उन्होंने कहा कि परीक्षा सुधारों के मामले में सरकार कंप्यूटर-आधारित टेस्टिंग की ओर बढ़ी है ताकि पेपर-आधारित परीक्षाओं से जुड़ी कमियों और गड़बड़ियों को कम किया जा सके. इसके साथ ही उन्होंने यह भी माना है कि परीक्षा की शुचिता को लगातार मजबूत करने की जरूरत है.

परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ कानून

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने 2024 में परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ एक खास कानून बनाया और अब इसे और सख्त सजा और फास्ट-ट्रैक अदालतों के साथ मजबूत किया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जो लोग छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं, उन्हें कड़ी सजा मिले.

‘क्या राहुल गांधी समाधानों के बारे में बात करेंगे’

उन्होंने कहा कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. लेकिन अवसर, किफायती शिक्षा, बुनियादी ढांचे और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए किए जा रहे कामों को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी समाधानों के बारे में बात करेंगे, या वह हर छात्र की चिंता को राजनीतिक हथियार बनाते रहेंगे?.

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत के छात्रों को यह बताने के लिए किसी राजनेता की ज़रूरत नहीं है कि उन्हें नाराज होना चाहिए. उन्हें ऐसे संस्थानों की जरूरत है जो काम करें, ऐसे अवसरों की जो बढ़ें और ऐसी सरकार की जो उनके साथ खड़ी हो. आखिर में उन्होंने कहा कि छात्रों पर राजनीति करने और छात्रों के लिए राजनीति करने के बीच यही फर्क है.

इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम

दरअसल बीते शनिवार (19 सितंबर) को इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का छात्रों की गूंज कार्यक्रम था. इस दौरान नेता ने छात्रों से संवाद किया और शिक्षा, सरकारी भर्ती, परीक्षाओं तथा संस्थानों से जुड़ी समस्याओं को उठाया. कार्यक्रम की मुख्य थीम सिस्टम बनाम छात्र थी. उन्होंने छात्रों की समस्याओं को व्यापक शिक्षा व्यवस्था और सरकारी तंत्र से जोड़ते हुए सवाल उठाए. उन्होंने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस देश पर सिस्टम का कब्जा है और सिस्टम को देश के टॉप छह लोग चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिस्टम के खिलाफ है.

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