न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर और एक पाकिस्तानी पत्रकार के बीच आतंकवाद को लेकर तीखी बातचीत हुई। पत्रकार ने भारत पर आतंकवाद को बढ़ावा देने से जुड़ा सवाल उठाने की कोशिश की।इसके जवाब में जयशंकर ने कहा कि एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है।यह घटना शुक्रवार (25 सितंबर) को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के हाई-लेवल वीक से इतर हुई प्रेस ब्रीफिंग के दौरान हुई। जयशंकर इस दौरान लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेसोलो न्यांती के साथ मौजूद थे। ब्रीफिंग मुख्य रूप से जहाजरानी और नाविकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित थी।
क्या हुआ था प्रेस ब्रीफिंग में?
ब्रीफिंग के आखिर में एक पाकिस्तानी पत्रकार ने हस्तक्षेप करते हुए आतंकवाद से जुड़ा सवाल उठाने की कोशिश की। रिपोर्टों के मुताबिक, पत्रकार ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए सवाल किया। जयशंकर ने पत्रकार के सवाल को स्वीकार करने के बजाय पाकिस्तान पर ही पलटवार किया और कहा कि एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है। इस संक्षिप्त बातचीत के बाद जयशंकर और वहां मौजूद अन्य प्रतिनिधि बाहर निकल गए। पत्रकार की ओर से सवाल जारी रखने की कोशिश की गई।
जयशंकर ने पाकिस्तान को लेकर ऐसा जवाब क्यों दिया?
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर अपनी जमीन से सक्रिय आतंकवादी संगठनों को समर्थन या पनाह देने का आरोप लगाता रहा है। नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सीमा पार आतंकवाद को लगातार उठाती रही है और पाकिस्तान से आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की मांग करती रही है। दूसरी ओर, पाकिस्तान भारत पर आतंकवाद से जुड़े आरोप लगाता रहा है। दोनों देशों के बीच आतंकवाद को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लंबे समय से कूटनीतिक संबंधों का प्रमुख हिस्सा रहे हैं। यही वजह है कि संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच आतंकवाद का मुद्दा अक्सर सामने आता रहा है।
पहलगाम हमले के बाद और बढ़ा तनाव
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की हत्या हुई थी। भारत ने हमले के लिए पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क और उसके सहयोगियों को जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने की कार्रवाई की। भारत ने इसे पहलगाम हमले के जवाब में की गई कार्रवाई बताया था। भारत लगातार यह रुख रखता रहा है कि आतंकवाद को सामान्य राजनीतिक विवाद के हिस्से के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
TRF का मुद्दा भी चर्चा में रहा
पहलगाम हमले के बाद द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का नाम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। भारत ने TRF को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा संगठन बताया है। जुलाई 2025 में अमेरिका ने TRF को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT) घोषित किया था। भारत ने पहलगाम हमले में TRF की भूमिका का आरोप लगाया है। हालांकि आतंकवादी हमलों से जुड़े किसी भी आरोप को संबंधित जांच और आधिकारिक निष्कर्षों के संदर्भ में देखना जरूरी है।
FATF में पाकिस्तान का रिकॉर्ड क्या रहा?
आतंकवादी वित्तपोषण को लेकर पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय तक निगरानी रही है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान को तीन बार अपनी ग्रे लिस्ट में रखा था। पाकिस्तान की सबसे हालिया ग्रे-लिस्ट अवधि जून 2018 से अक्टूबर 2022 तक रही। इस दौरान देश को आतंकवादी वित्तपोषण की पहचान और रोकथाम तथा संबंधित मामलों में कार्रवाई मजबूत करने के लिए कई कदम उठाने पड़े। अक्टूबर 2022 में FATF ने पाकिस्तान को बढ़ी हुई निगरानी वाली सूची से बाहर कर दिया था।
UN में भारत का फोकस क्या रहा है?
भारत का कहना रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई केवल बयानों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आतंकवादी संगठनों, उनके वित्तीय नेटवर्क और उन्हें समर्थन देने वाले ढांचे पर ठोस कार्रवाई जरूरी है। जयशंकर भी कई अंतरराष्ट्रीय मंचों से यह मुद्दा उठाते रहे हैं कि आतंकवाद को राजनीतिक औजार के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। न्यूयॉर्क में पाकिस्तानी पत्रकार के साथ हुई यह बातचीत भी इसी लंबे भारत-पाकिस्तान कूटनीतिक टकराव के बीच सामने आई है।















